Vishnu Mantra

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र

द्वादशाक्षरी मंत्र, परमात्मा वासुदेव को पूर्ण समर्पण का मंत्र।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र

मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

Om Namo Bhagavate Vasudevaya

देवता

भगवान विष्णु

श्रेष्ठ समय

ब्रह्म मुहूर्त; एकादशी, वैकुंठ एकादशी और गुरुवार विशेष।

माला / जाप

तुलसी की माला पर 108 जाप, नित्य एक माला या गुरु के निर्देशानुसार अनुष्ठान।

मंत्र का अर्थ

भावार्थ

भगवान वासुदेव, जो समस्त लोकों में व्याप्त हैं: को नमस्कार। यह बारह अक्षरों का मंत्र विष्णु पुराण और भागवत परंपरा का मुख्य मंत्र है। इसके जाप से जीव को परमात्मा की ओर सहज आकर्षण होता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।

जाप विधि

कैसे जाप करें

  1. 1

    प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर तुलसी माला धारण करें।

  2. 2

    विष्णु या कृष्ण के चित्र/mूर्ति के सामने दीपक जलाकर बैठें।

  3. 3

    तुलसी की माला पर 108 बार मंत्र जाप करें, भगवान के नाम पर पूर्ण ध्यान रखें।

  4. 4

    जाप के बाद विष्णु सहस्रनाम या विष्णु स्तोत्र का पाठ करें।

महात्म्य और परंपरा

पारंपरिक महत्व

यह मंत्र भागवत परंपरा का रत्न है: इसका उल्लेख विष्णु पुराण में परम तत्व के रूप में आया है। जो साधक इस मंत्र का नियमित जाप करता है, उसका जीवन धर्म, ज्ञान और वैराग्य से संतुलित होता है। मान्यता है कि इस मंत्र ने अजामिल जैसे पापी को भी मुक्त किया।

वासुदेव नाम में समस्त अवतारों का सार निहित है: राम, कृष्ण, नृसिंह सब इसी एक नाम में समाहित हैं। इसलिए जो इस एक मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करता है, उसे समस्त अवतारों की कृपा प्राप्त होती है।

माला और जाप की जानकारी

माला

तुलसी की माला पर 108 जाप, नित्य एक माला या गुरु के निर्देशानुसार अनुष्ठान।

श्रेष्ठ समय

ब्रह्म मुहूर्त; एकादशी, वैकुंठ एकादशी और गुरुवार विशेष।

सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुलसी विष्णु-परिवार को अति प्रिय है: विष्णु मंत्रों के जाप में तुलसी की माला श्रेष्ठ मानी गई है।

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