
मंत्र
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
Hare Krishna Hare Krishna, Krishna Krishna Hare Hare, Hare Rama Hare Rama, Rama Rama Hare Hare
देवता
श्री कृष्ण
श्रेष्ठ समय
प्रातः ब्रह्म मुहूर्त सर्वोत्तम; दिन में किसी भी समय जाप-संकीर्तन कर सकते हैं।
माला / जाप
तुलसी की माला पर जाप करें, साधक 16 माला, आरंभ में 1-4 माला नित्य।
मंत्र का अर्थ
भावार्थ
'हरे' परमात्मा की आनंद-शक्ति (राधा/माया) हैं और 'कृष्ण'-'राम' परमात्मा स्वयं हैं। यह मंत्र परमात्मा से प्रार्थना है: 'हे प्रभु, हे आनंद-शक्ति, कृपा करके हमें आपकी भक्तिमय सेवा में संलग्न कर दीजिए।' कलियुग में नाम-संकीर्तन सबसे सरल साधना माना गया है।
जाप विधि
कैसे जाप करें
- 1
प्रातः शुद्ध अवस्था में जप शुरू करें, एकांत शांत स्थान उत्तम है।
- 2
तुलसी की माला पर एक-एक मंत्र गिनते हुए जाप करें (एक 'हरे कृष्ण...हरे हरे' = एक बार)।
- 3
जाप मन में, धीमे स्वर में या संकीर्तन के रूप में सामूहिक रूप से करें।
- 4
16 माला (1728 बार) का नियम आचार्यों द्वारा बताया गया है: शुरुआत में 1-4 माला से आरंभ करें।
महात्म्य और परंपरा
पारंपरिक महत्व
कलिसंतरण उपनिषद् में कहा गया है कि कलियुग में यही 16 शब्दों का महामंत्र जीव को कलि के दोष से मुक्त कर परम गति देता है। चैतन्य महाप्रभु ने इसी मंत्र का नाम-संकीर्तन पूरे भारत में फैलाया, रास्तों पर, मंदिरों में, घरों में यह नाम गूंजता है।
इस मंत्र की सुन्दरता यह है कि इसमें किसी विशेष नियम-शर्त नहीं, कोई भी, कहीं भी, किसी भी अवस्था में जप सकता है। नाम में ही नामी की पूर्ण कृपा निहित है: श्रद्धापूर्वक जाप से हृदय की मलिनता धीरे-धीरे धुल जाती है और भक्ति-रस जागृत होता है।
माला और जाप की जानकारी
माला
तुलसी की माला पर जाप करें, साधक 16 माला, आरंभ में 1-4 माला नित्य।
श्रेष्ठ समय
प्रातः ब्रह्म मुहूर्त सर्वोत्तम; दिन में किसी भी समय जाप-संकीर्तन कर सकते हैं।
सामान्य प्रश्न
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तुलसी माला के हर मनके पर एक बार पूरा मंत्र जापें। उच्चारण स्पष्ट रखें और नाम पर ध्यान केंद्रित करें, मन में या हल्के स्वर में दोनों विधियाँ शुभ हैं।
