Vishnu Puja

भगवान विष्णु पूजा विधि

पालनकर्ता की आराधना, तुलसी, पीत वस्त्र और पंचामृत स्नान।

भगवान विष्णु पूजा विधि पूजा विधि

देवता

भगवान विष्णु

श्रेष्ठ समय

प्रातः काल; गुरुवार, एकादशी और वैकुंठ एकादशी विशेष।

श्रेणी

Vishnu पूजा

पूजा का परिचय

विष्णु जी सृष्टि के पालनकर्ता हैं: सात्विक और शांत स्वरूप वाले भगवान। उनकी पूजा में तुलसी अनिवार्य है: विष्णु की उपासना तुलसी के बिना अधूरी मानी गई है। पीत (पीले) वस्त्र और पीत पुष्प उन्हें प्रिय हैं।

विष्णु पूजन में पंचामृत स्नान, तुलसी दल, शंख-चक्र-गदा का ध्यान और विष्णु सहस्रनाम का पाठ प्रमुख है। गुरुवार और एकादशी तिथि विष्णु-भक्ति के विशेष दिन हैं।

पूजा सामग्री

  • तुलसी दल
  • पीत वस्त्र
  • पीत पुष्प (गेंदा, अपराजिता)
  • पंचामृत
  • शंख और शंखनाद
  • दीपक व घी
  • अक्षत
  • भोग (मिठाई/फल)
  • विष्णु सहस्रनाम पोथी
  • तुलसी माला

पूजा विधि

चरण-दर-चरण

  1. 1

    प्रातः स्नान कर पीत वस्त्र धारण करें।

  2. 2

    विष्णु जी के समक्ष आसन लगाकर शंखनाद करें।

  3. 3

    पंचामृत से स्नान कराएँ और जल से धोएँ।

  4. 4

    पीत वस्त्र, चंदन और अक्षत अर्पित करें।

  5. 5

    तुलसी दल और पुष्प अर्पित करें, विष्णु मंत्र स्मरण के साथ।

  6. 6

    भोग लगाएँ (मिठाई/फल/खीर)।

  7. 7

    ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का 108 जाप करें।

  8. 8

    विष्णु सहस्रनाम या विष्णु स्तोत्र का पाठ करें।

  9. 9

    आरती (ॐ जय जगदीश हरे) करें।

शुभ समय

प्रातः काल; गुरुवार, एकादशी और वैकुंठ एकादशी विशेष।

महत्वपूर्ण सुझाव

  • विष्णु पूजा में तुलसी का दल अवश्य अर्पित करें, यह अनिवार्य माना गया है।
  • शंखनाद पूजा के आरंभ में करें, घर की नकारात्मकता दूर होने का विश्वास है।
  • विष्णु भोग में खीर और मिठाई शुभ है; प्याज़-लहसुन युक्त भोग वर्जित।

सामान्य प्रश्न

तुलसी विष्णु-परिवार का अंश मानी गई हैं: पद्म पुराण में कहा गया है कि तुलसी के बिना विष्णु को अर्पित भोग भी स्वीकार नहीं होता।

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