मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः
Om Gam Ganapataye Namah
देवता
श्री गणेश जी
श्रेष्ठ समय
प्रातः काल; बुधवार, गणेश चतुर्थी और किसी भी शुभ आरंभ से पहले।
माला / जाप
रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला पर 108 जाप, शुभ कार्य से पूर्व न्यूनतम 21 बार जरूर जापें।
मंत्र का अर्थ
भावार्थ
गणपति, गणों के स्वामी, को नमस्कार। 'गं' गणेश जी का बीज मंत्र है जो उनकी बुद्धि-शक्ति का प्रतीक है। किसी भी शुभ कार्य, यात्रा, परीक्षा या नए व्यापार की शुरुआत में इस मंत्र का जाप विघ्नों को दूर करता है।
जाप विधि
कैसे जाप करें
- 1
प्रातः स्नान के बाद शुद्ध वस्त्र पहनकर गणेश जी के सामने बैठें।
- 2
दूब घास, लाल पुष्प और मोदक का भोग अर्पित करें।
- 3
माला पर 108 बार 'ॐ गं गणपतये नमः' का जाप करें, उच्चारण स्पष्ट रखें।
- 4
जाप समाप्त पर अपने शुभ कार्य की सफलता के लिए प्रार्थना करें।
महात्म्य और परंपरा
पारंपरिक महत्व
भारतीय परंपरा में किसी भी शुभ कार्य से पहले 'श्री गणेशाय नमः' कहा जाता है: यही सिद्धांत इस मंत्र का आधार है। गणेश जी बुद्धि और सिद्धि दोनों के दाता हैं, इसलिए विद्यार्थी और कार्यक्षेत्र के लोग इस मंत्र का विशेष जाप करते हैं।
गणपति अथर्वशीर्ष में कहा गया है कि गणेश जी समस्त लोकों के आदि स्वरूप हैं: उनके ध्यान से बुद्धि स्थिर होती है और कार्य बाधा-रहित संपन्न होते हैं। गणेश चतुर्थी और बुधवार के दिन इस मंत्र का जाप विशेष फलदायी है।
माला और जाप की जानकारी
माला
रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला पर 108 जाप, शुभ कार्य से पूर्व न्यूनतम 21 बार जरूर जापें।
श्रेष्ठ समय
प्रातः काल; बुधवार, गणेश चतुर्थी और किसी भी शुभ आरंभ से पहले।
सामान्य प्रश्न
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ॐ गं गणपतये नमः, न्यूनतम 21 या 108 बार जाप कर गणेश जी का आशीर्वाद लें, फिर कार्य आरंभ करें।
