
देवता
तिथि / समय
श्रावण मास की शुक्ल पूर्णिमा
श्रेणी
Aur Vrat व्रत
व्रत का परिचय
रक्षा बंधन (श्रावणी) का प्रमुख पर्व; कजरी/नारळी (नारियल) पूर्णिमा की क्षेत्रीय परंपराएँ, महाराष्ट्र में समुद्र-पूजा के साथ नारियल अर्पित किए जाते हैं (नारळी पूर्णिमा के रूप में मछुआरे समुदार का उत्सव मनाता है)। ऋषि-परंपरा के उपाकर्म संस्कार भी इसी पूर्णिमा से जुड़े हैं। राखी-पर्व का विस्तृत विवरण प्रविष्टि संख्या 28 में है।
व्रत विधि
कैसे रखें
- 1
पूजा सामग्री
व्रत के नियम
- व्रत के दिन सात्विक आहार लें और देवता का स्मरण करते रहें।
- संभव हो तो उपवास रखें; न हो तो सात्विक भोजन करें।
पारण विधि
रक्षा बंधन; कजरी/नारळी पूर्णिमा की क्षेत्रीय परंपराएँ
व्रत कथा
रक्षा बंधन (श्रावणी) का प्रमुख पर्व; कजरी/नारळी (नारियल) पूर्णिमा की क्षेत्रीय परंपराएँ, महाराष्ट्र में समुद्र-पूजा के साथ नारियल अर्पित किए जाते हैं (नारळी पूर्णिमा के रूप में मछुआरे समुदार का उत्सव मनाता है)। ऋषि-परंपरा के उपाकर्म संस्कार भी इसी पूर्णिमा से जुड़े हैं। राखी-पर्व का विस्तृत विवरण प्रविष्टि संख्या 28 में है।
सामान्य प्रश्न
रक्षा बंधन; कजरी/नारळी पूर्णिमा की क्षेत्रीय परंपराएँ
