
देवता
तिथि / समय
फाल्गुन मास की शुक्ल पूर्णिमा
श्रेणी
Aur Vrat व्रत
व्रत का परिचय
होलिका दहन / होली-चक्र की परंपरा, प्रह्लाद-भक्ति एवं होलिका-संहार की कथा के स्मरण में होलिका-दहन होता है (कथा विस्तार से भाग 4 के नृसिंह-प्रह्लाद प्रसंग से संबंधित परंपरा में देखें)। वसंत-ऋतु के आगमन का उत्सव इसी पूर्णिमा के दूसरे दिन (फाग पर्व) मनाया जाता है। रंग-पर्व की सामाजिक एकता का संदेश इस तिथि से जुड़ा है।
व्रत विधि
कैसे रखें
- 1
पूजा सामग्री
व्रत के नियम
- व्रत के दिन सात्विक आहार लें और देवता का स्मरण करते रहें।
- संभव हो तो उपवास रखें; न हो तो सात्विक भोजन करें।
पारण विधि
होलिका दहन/होली चक्र की परंपरा
व्रत कथा
होलिका दहन / होली-चक्र की परंपरा, प्रह्लाद-भक्ति एवं होलिका-संहार की कथा के स्मरण में होलिका-दहन होता है (कथा विस्तार से भाग 4 के नृसिंह-प्रह्लाद प्रसंग से संबंधित परंपरा में देखें)। वसंत-ऋतु के आगमन का उत्सव इसी पूर्णिमा के दूसरे दिन (फाग पर्व) मनाया जाता है। रंग-पर्व की सामाजिक एकता का संदेश इस तिथि से जुड़ा है।
सामान्य प्रश्न
होलिका दहन/होली चक्र की परंपरा
