
देवता
तिथि / समय
पौष मास की शुक्ल पूर्णिमा
श्रेणी
Aur Vrat व्रत
व्रत का परिचय
पौष स्नान-परंपरा की पूर्णिमा, शीत-ऋतु में नदी-स्नान एवं दान-तप का माहात्म्य इस मास में संगत माना गया है। इस दिन तुलसी-पूजा तथा विष्णु-उपासना का विशेष विधान रहा है। माघ-मेला परंपरा का पूर्व-द्वार भी पौष पूर्णिमा से जुड़ता है, तीर्थ-परंपरा में माघ-स्नान की तैयारी इसी समय आरंभ होती है।
व्रत विधि
कैसे रखें
- 1
पूजा सामग्री
व्रत के नियम
- व्रत के दिन सात्विक आहार लें और देवता का स्मरण करते रहें।
- संभव हो तो उपवास रखें; न हो तो सात्विक भोजन करें।
पारण विधि
पौष स्नान आदि
व्रत कथा
पौष स्नान-परंपरा की पूर्णिमा, शीत-ऋतु में नदी-स्नान एवं दान-तप का माहात्म्य इस मास में संगत माना गया है। इस दिन तुलसी-पूजा तथा विष्णु-उपासना का विशेष विधान रहा है। माघ-मेला परंपरा का पूर्व-द्वार भी पौष पूर्णिमा से जुड़ता है, तीर्थ-परंपरा में माघ-स्नान की तैयारी इसी समय आरंभ होती है।
सामान्य प्रश्न
पौष स्नान आदि
