
देवता
तिथि / समय
माघ मास की शुक्ल पूर्णिमा
श्रेणी
Aur Vrat व्रत
व्रत का परिचय
माघ स्नान एवं धार्मिक दान की परंपराएँ, माघ-माहात्म्य में इस मास के स्नान-दान का सर्वोच्च फल बताया गया है। प्रयागराज (त्रिवेणी संगम) में माघ-मेला की परंपरा इसी पूर्णिमा की ओर केंद्रित है। इस दिन कल्पवास का उद्यापन-प्रसंग भी जुड़ता है। माघ पूर्णिमा पर विष्णु-पूजा एवं दीप-दान विशेष फलदायी माना गया है।
व्रत विधि
कैसे रखें
- 1
पूजा सामग्री
व्रत के नियम
- व्रत के दिन सात्विक आहार लें और देवता का स्मरण करते रहें।
- संभव हो तो उपवास रखें; न हो तो सात्विक भोजन करें।
पारण विधि
माघ स्नान और धार्मिक दान की परंपराएँ
व्रत कथा
माघ स्नान एवं धार्मिक दान की परंपराएँ, माघ-माहात्म्य में इस मास के स्नान-दान का सर्वोच्च फल बताया गया है। प्रयागराज (त्रिवेणी संगम) में माघ-मेला की परंपरा इसी पूर्णिमा की ओर केंद्रित है। इस दिन कल्पवास का उद्यापन-प्रसंग भी जुड़ता है। माघ पूर्णिमा पर विष्णु-पूजा एवं दीप-दान विशेष फलदायी माना गया है।
सामान्य प्रश्न
माघ स्नान और धार्मिक दान की परंपराएँ
