
देवता
तिथि / समय
कार्तिक मास की शुक्ल पूर्णिमा
श्रेणी
Aur Vrat व्रत
व्रत का परिचय
देव दीपावली, त्रिपुरारी पूर्णिमा, कार्तिक स्नान समापन, काशी में देव-दीपावली के रूप में घाटों पर अष्टाक्षरी दीपों की शोभा होती है। त्रिपुर-संहार की शिव-परंपरा इस पूर्णिमा से जुड़ी है। कार्तिक-मास के स्नान-दान का उद्यापन इसी दिन होता है। गुरु नानक जयंती की परंपरा भी कार्तिक पूर्णिमा से जुड़ती है।
व्रत विधि
कैसे रखें
- 1
पूजा सामग्री
व्रत के नियम
- व्रत के दिन सात्विक आहार लें और देवता का स्मरण करते रहें।
- संभव हो तो उपवास रखें; न हो तो सात्विक भोजन करें।
पारण विधि
देव दीपावली, त्रिपुरारी पूर्णिमा, कार्तिक स्नान समापन
व्रत कथा
देव दीपावली, त्रिपुरारी पूर्णिमा, कार्तिक स्नान समापन, काशी में देव-दीपावली के रूप में घाटों पर अष्टाक्षरी दीपों की शोभा होती है। त्रिपुर-संहार की शिव-परंपरा इस पूर्णिमा से जुड़ी है। कार्तिक-मास के स्नान-दान का उद्यापन इसी दिन होता है। गुरु नानक जयंती की परंपरा भी कार्तिक पूर्णिमा से जुड़ती है।
सामान्य प्रश्न
देव दीपावली, त्रिपुरारी पूर्णिमा, कार्तिक स्नान समापन
