Ekadashi Vrat

कामिका एकादशी

कामिका एकादशी का वर्णन पद्म पुराण-परंपरा में युधिष्ठिर-कृष्ण संवाद के रूप में मिलता है। श्रावण मास की कृष्ण पक्ष की यह एकादशी भगवान विष्णु की अत्यंत प्रिय तिथि …

कामिका एकादशी व्रत

देवता

भगवान विष्णु

तिथि / समय

श्रावण कृष्ण एकादशी

श्रेणी

Ekadashi व्रत

व्रत का परिचय

कामिका एकादशी का वर्णन पद्म पुराण-परंपरा में युधिष्ठिर-कृष्ण संवाद के रूप में मिलता है। श्रावण मास की कृष्ण पक्ष की यह एकादशी भगवान विष्णु की अत्यंत प्रिय तिथि मानी गई है, क्योंकि श्रावण मास स्वयं विष्णु-उपासना का मास है। परंपरा में इस व्रत का फल समस्त यज्ञों के पुण्य के समान बताया गया है। जो व्रती इस दिन तुलसी के समक्ष दीप जलाकर विष्णु-भक्ति करता है, उसके अनेक जन्मों के पाप क्षीण होते हैं, यह कथा-परंपरा का कथन है। इस एकादशी के व्रती को कामना-पूर्ति, रोग-नाश तथा संतान-सुख का विश्वास प्राप्त होता है। श्रावण की शुभ वातावरण में आचरित यह व्रत व्रती को सात्विक आहार-व्यवहार का अभ्यास कराती है तथा वर्षा-ऋतु के संतुलन का उपदेश भी देती है, यह इसका प्रतीकात्मक भाव है।

व्रत विधि

कैसे रखें

  1. 1

पूजा सामग्री

    व्रत के नियम

    • व्रत के दिन सात्विक आहार लें और देवता का स्मरण करते रहें।
    • संभव हो तो उपवास रखें; न हो तो सात्विक भोजन करें।

    पारण विधि

    विष्णु-भक्ति एवं पाप-शमन की परंपरा

    व्रत कथा

    कामिका एकादशी का वर्णन पद्म पुराण-परंपरा में युधिष्ठिर-कृष्ण संवाद के रूप में मिलता है। श्रावण मास की कृष्ण पक्ष की यह एकादशी भगवान विष्णु की अत्यंत प्रिय तिथि मानी गई है, क्योंकि श्रावण मास स्वयं विष्णु-उपासना का मास है। परंपरा में इस व्रत का फल समस्त यज्ञों के पुण्य के समान बताया गया है। जो व्रती इस दिन तुलसी के समक्ष दीप जलाकर विष्णु-भक्ति करता है, उसके अनेक जन्मों के पाप क्षीण होते हैं, यह कथा-परंपरा का कथन है। इस एकादशी के व्रती को कामना-पूर्ति, रोग-नाश तथा संतान-सुख का विश्वास प्राप्त होता है। श्रावण की शुभ वातावरण में आचरित यह व्रत व्रती को सात्विक आहार-व्यवहार का अभ्यास कराती है तथा वर्षा-ऋतु के संतुलन का उपदेश भी देती है, यह इसका प्रतीकात्मक भाव है।

    सामान्य प्रश्न

    विष्णु-भक्ति एवं पाप-शमन की परंपरा

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