
देवता
तिथि / समय
ज्येष्ठ मास की शुक्ल पूर्णिमा
श्रेणी
Aur Vrat व्रत
व्रत का परिचय
वट पूर्णिमा की क्षेत्रीय परंपरा, विशेषकर महाराष्ट्र में, सावित्री-सत्यवान कथा के स्मरण में सुहागिन स्त्रियाँ वट-वृक्ष की पूजा करती हैं (विस्तृत व्रत-विवरण प्रविष्टि संख्या 23 में)। ज्येष्ठ पूर्णिमा को विष्णु-पूजा एवं गंगा-स्नान की परंपरा भी जुड़ी है। इस दिन दान-धर्म का विशेष महत्व माना गया है।
व्रत विधि
कैसे रखें
- 1
पूजा सामग्री
व्रत के नियम
- व्रत के दिन सात्विक आहार लें और देवता का स्मरण करते रहें।
- संभव हो तो उपवास रखें; न हो तो सात्विक भोजन करें।
पारण विधि
वट पूर्णिमा की क्षेत्रीय परंपरा, विशेषकर महाराष्ट्र
व्रत कथा
वट पूर्णिमा की क्षेत्रीय परंपरा, विशेषकर महाराष्ट्र में, सावित्री-सत्यवान कथा के स्मरण में सुहागिन स्त्रियाँ वट-वृक्ष की पूजा करती हैं (विस्तृत व्रत-विवरण प्रविष्टि संख्या 23 में)। ज्येष्ठ पूर्णिमा को विष्णु-पूजा एवं गंगा-स्नान की परंपरा भी जुड़ी है। इस दिन दान-धर्म का विशेष महत्व माना गया है।
सामान्य प्रश्न
वट पूर्णिमा की क्षेत्रीय परंपरा, विशेषकर महाराष्ट्र
