
देवता
तिथि / समय
आषाढ़ मास की शुक्ल पूर्णिमा
श्रेणी
Aur Vrat व्रत
व्रत का परिचय
गुरु पूर्णिमा / व्यास पूर्णिमा, वेदव्यास जी की पूजा एवं गुरु-पद की आराधना का पर्व। इस दिन शिष्य अपने गुरु की पूजा करते हैं, व्यास-पूजा होती है तथा चातुर्मास के ऋतु-प्रवास की परंपरा आरंभ होती है, साधु-संत एक स्थान पर रहकर धर्म-प्रवचन करते हैं। ज्ञान-दान के पर्व के रूप में यह पूर्णिमा सर्वाधिक प्रतिष्ठित है।
व्रत विधि
कैसे रखें
- 1
पूजा सामग्री
व्रत के नियम
- व्रत के दिन सात्विक आहार लें और देवता का स्मरण करते रहें।
- संभव हो तो उपवास रखें; न हो तो सात्विक भोजन करें।
पारण विधि
गुरु पूर्णिमा / व्यास पूर्णिमा
व्रत कथा
गुरु पूर्णिमा / व्यास पूर्णिमा, वेदव्यास जी की पूजा एवं गुरु-पद की आराधना का पर्व। इस दिन शिष्य अपने गुरु की पूजा करते हैं, व्यास-पूजा होती है तथा चातुर्मास के ऋतु-प्रवास की परंपरा आरंभ होती है, साधु-संत एक स्थान पर रहकर धर्म-प्रवचन करते हैं। ज्ञान-दान के पर्व के रूप में यह पूर्णिमा सर्वाधिक प्रतिष्ठित है।
सामान्य प्रश्न
गुरु पूर्णिमा / व्यास पूर्णिमा
