
मंत्र
श्री राम जय राम जय जय राम
Shri Ram Jai Ram Jai Jai Ram
देवता
श्री राम
श्रेष्ठ समय
प्रातः ब्रह्म मुहूर्त; मंगलवार, गुरुवार और रामनवमी विशेष।
माला / जाप
तुलसी की माला पर 108 जाप; रामनवमी और राम-नाम सप्ताह में विशेष अनुष्ठान करें।
मंत्र का अर्थ
भावार्थ
श्री राम की जय, बार-बार विजय की प्रार्थना। तुलसीदास जी ने राम-नाम को तारक मंत्र कहा है, जो जीव को भव-सागर से पार उतारता है। 'राम' शब्द में ही रमा (माया) को रमाने वाले परमात्मा का सार है: यह नाम जपने वाले के समस्त संकट स्वयं ही दूर होते हैं।
जाप विधि
कैसे जाप करें
- 1
प्रातः स्नान के बाद शुद्ध वस्त्र में राम के चित्र के सामने बैठें।
- 2
तुलसी की माला पर 'श्री राम जय राम जय जय राम' का 108 बार जाप करें।
- 3
जाप के बाद हनुमान चालीसा या रामचरितमानस के किसी चौपाई का पाठ करें।
- 4
मन में राम के मर्यादित स्वरूप का ध्यान करें, भक्ति भाव रखें।
महात्म्य और परंपरा
पारंपरिक महत्व
तुलसीदास जी लिखते हैं: 'राम नाम बड़ा तरकारथ सारा', अर्थात राम नाम ही कलियुग में तारक मंत्र है, जो सबसे बड़ा परमार्थ है। कथाओं में आता है कि अजामिल जैसे पतित ने भी मरण के क्षण राम/नारायण नाम के उच्चारण से मुक्ति पाई। यह नाम भक्ति और मुक्ति दोनों का द्वार है।
राम-नाम की विशेषता है कि यह स्वतः सिद्ध है: बिना दीक्षा, बिना जटिल नियम, केवल श्रद्धा से जाप फल देता है। महात्मा गांधी के जीवन में 'श्री राम जय राम जय जय राम' अंतिम स्वास तक साथ रहा, इस नाम ने उन्हें संघर्षों में अटल रखा।
माला और जाप की जानकारी
माला
तुलसी की माला पर 108 जाप; रामनवमी और राम-नाम सप्ताह में विशेष अनुष्ठान करें।
श्रेष्ठ समय
प्रातः ब्रह्म मुहूर्त; मंगलवार, गुरुवार और रामनवमी विशेष।
सामान्य प्रश्न
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नित्य कम से कम 108 बार (एक माला)। अनुष्ठान में 1.25 लाख या उससे अधिक जाप की परंपरा भी है: श्रद्धा और सामर्थ्य अनुसार करें।
