मंत्र
ॐ हं हनुमते नमः
Om Ham Hanumate Namah
देवता
श्री हनुमान जी
श्रेष्ठ समय
प्रातः या संध्या; मंगलवार, शनिवार और हनुमान जयंती सर्वोत्तम।
माला / जाप
रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला पर 108 जाप; मंगलवार-शनिवार में 7 माला तक करें।
मंत्र का अर्थ
भावार्थ
श्री हनुमान जी को नमस्कार, जो बल, बुद्धि और विद्या के भंडार हैं। 'हं' बीज मंत्र हनुमान जी की शक्ति का प्रतीक है। इस मंत्र के जाप से साहस बढ़ता है, भय दूर होता है और हर संकट में रक्षा मिलती है।
जाप विधि
कैसे जाप करें
- 1
मंगलवार या शनिवार को स्नान कर लाल वस्त्र धारण करें।
- 2
हनुमान जी के सामने सिंदूर, चमेली के तेल का दीपक और बूंदी का भोग लगाएँ।
- 3
रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला पर 108 बार 'ॐ हं हनुमते नमः' जाप करें।
- 4
जाप के बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें और दीपक के सामने प्रार्थना करें।
महात्म्य और परंपरा
पारंपरिक महत्व
हनुमान जी कलियुग के सबसे संप्रत्यक्ष देवता माने जाते हैं: युग बदलने पर भी जो अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदा उपस्थित रहते हैं। यह मंत्र उनकी प्रमुख उपासना है, जिससे भक्त को शारीरिक बल, मानसिक स्थिरता और शत्रु-भय से मुक्ति मिलती है।
शास्त्रों में कहा गया है कि जो साधक इस मंत्र का नियमित जाप करता है, उसकी बुद्धि तीव्र होती है और उसका आत्मविश्वास अजेय बन जाता है। परीक्षा, साक्षात्कार या किसी बड़े संघर्ष से पहले इस मंत्र का जाप विशेष लाभ देता है।
माला और जाप की जानकारी
माला
रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला पर 108 जाप; मंगलवार-शनिवार में 7 माला तक करें।
श्रेष्ठ समय
प्रातः या संध्या; मंगलवार, शनिवार और हनुमान जयंती सर्वोत्तम।
सामान्य प्रश्न
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मंगलवार और शनिवार सबसे शुभ हैं, पर नित्य जाप के लिए प्रातः या संध्या का समय उत्तम है। दिन में किसी भी समय श्रद्धापूर्वक जाप किया जा सकता है।
