Pauranik Katha

भगवान परशुराम की कथा

भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम और अन्यायी शासकों के विनाश की कथा।

भगवान परशुराम की कथा कथा

संपूर्ण कथा

परशुराम ऋषि जमदग्नि और रेणुका के पुत्र थे और भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। उन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या करके दिव्य परशु (फरसा) और अस्त्र-शस्त्र की विद्या प्राप्त की थी।

हैहय वंश के राजा कार्तवीर्य अर्जुन ने ऋषि जमदग्नि की कामधेनु गाय को बलपूर्वक ले जाना चाहा। परशुराम ने उसे हराकर उसका वध किया। बाद में उसके पुत्रों ने बदला लेने के लिए जमदग्नि की हत्या कर दी, जिससे क्रोधित होकर परशुराम ने अत्याचारी क्षत्रियों का संहार किया।

महाभारत के अनुसार उन्होंने पृथ्वी को इक्कीस बार अत्याचारी राजाओं से मुक्त किया और भूमि कश्यप ऋषि को दान कर दी। परशुराम चिरंजीवी माने जाते हैं और उन्होंने भीष्म, द्रोण और कर्ण को शस्त्र विद्या दी।

कथा का संदेश

अन्याय का प्रतिकार आवश्यक है, पर क्रोध पर संयम भी उतना ही आवश्यक है।

सामान्य प्रश्न

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