
संपूर्ण कथा
यमुना के एक कुंड में कालिया नाग अपने परिवार के साथ रहता था, जिसके विष से कुंड का जल जहरीला हो गया था। उसके किनारे पशु-पक्षी भी मर जाते थे। एक दिन गेंद खेलते हुए श्री कृष्ण ने कदंब के वृक्ष से कुंड में छलांग लगा दी।
कालिया ने श्री कृष्ण को अपने कुंडल में जकड़ लिया। यह देखकर ब्रजवासी भयभीत हो गए। कुछ समय बाद श्री कृष्ण ने अपना शरीर बढ़ाकर कालिया की पकड़ ढीली कर दी और उसके फनों पर चढ़कर नृत्य करने लगे।
कालिया की पत्नियों ने भगवान से प्रार्थना की और उसके प्राणों की रक्षा माँगी। श्री कृष्ण ने उसे परिवार सहित यमुना छोड़कर रमणक द्वीप जाने की आज्ञा दी। इस प्रकार यमुना का जल निर्मल हो गया।
कथा का संदेश
समाज को हानि पहुँचाने वाली शक्तियों का साहस से सामना करना ही सच्चा धर्म है।
