Pauranik Katha

भस्मासुर और मोहिनी रूप

वरदान का दुरुपयोग करने वाले भस्मासुर के अपने ही वरदान से नष्ट होने की कथा।

भस्मासुर और मोहिनी रूप कथा

संपूर्ण कथा

असुर भस्मासुर, जिसे भागवत में वृकासुर कहा गया है, ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की। प्रसन्न होकर शिवजी ने उसे वरदान दिया कि वह जिसके सिर पर हाथ रखेगा, वह भस्म हो जाएगा।

वरदान पाकर वह अहंकारी हो गया और परीक्षा के लिए स्वयं शिवजी के सिर पर हाथ रखने दौड़ा। शिवजी भागने लगे और भगवान विष्णु से सहायता की प्रार्थना की।

तब विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर भस्मासुर को मोहित किया और उससे नृत्य करने को कहा। नृत्य की एक मुद्रा में मोहिनी ने अपने सिर पर हाथ रखा, भस्मासुर ने भी वैसा ही किया और स्वयं भस्म हो गया।

कथा का संदेश

शक्ति का दुरुपयोग अंततः स्वयं के विनाश का कारण बनता है।

सामान्य प्रश्न

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