- Home
- Bhajan & Aarti
- महाशिवरात्रि व्रत कथा (चित्रभानु एवं बिल्वपत्र)
Vrat Katha · भगवान शिव
महाशिवरात्रि व्रत कथा (चित्रभानु एवं बिल्वपत्र)

परिचय
महाशिवरात्रि व्रत कथा (चित्रभानु एवं बिल्वपत्र) — सनातन सेवा डिजिटल भक्ति संग्रह। भगवान शिव से संबंधित पवित्र कथा और माहात्म्य।
महाशिवरात्रि व्रत कथा (चित्रभानु एवं बिल्वपत्र)
Vrat Katha · भगवान शिव
【संकल्प ध्यान】
फाल्गुनकृष्णचतुर्दश्यां आदिदेवो महानिशि। शिवलिङ्गतयोद्भूतः कोटिसूर्यसमप्रभः॥
【कथा सारांश】
एक निषाद (व्याध) वन में शिकार की खोज में भटकता हुआ रात्रि होने पर एक बिल्ववृक्ष पर चढ़ गया। भूख-प्यास से व्याकुल होकर वह अनजाने में बिल्वपत्र तोड़कर नीचे गिराता रहा। संयोगवश उस वृक्ष के नीचे एक शिवलिंग स्थापित था और वह रात्रि महाशिवरात्रि की पावन निशा थी।
रात भर चार पहर में उसने बिल्वपत्रों और आंसुओं से शिवलिंग का अनजाने अभिषेक किया। जब मृग परिवार सामने आया, तो उनकी सत्यनिष्ठा और करुणा देखकर व्याध का हृदय पिघल गया और उसने अहिंसा का व्रत ले लिया। उसकी इस आत्म-जागृति से संतुष्ट होकर शिव गण उसे दिव्य विमान में ले गए।
【फलश्रुति】
महाशिवरात्रि का रात्रि जागरण, उपवास और अभिषेक करने से जीव जन्म-मरण के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष पद प्राप्त करता है।
Sanatan Seva ऐप में महाशिवरात्रि व्रत कथा (चित्रभानु एवं बिल्वपत्र) की ऑडियो, सुनें और अपने परिवार के साथ गाएँ।
