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Vrat Katha · भगवान शिव
सोमवार व्रत कथा (शिव-पार्वती उपासना)

परिचय
सोमवार व्रत कथा (शिव-पार्वती उपासना) — सनातन सेवा डिजिटल भक्ति संग्रह। भगवान शिव से संबंधित पवित्र कथा और माहात्म्य।
सोमवार व्रत कथा (शिव-पार्वती उपासना)
Vrat Katha · भगवान शिव
【संकल्प ध्यान】
ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचंद्रावतंसम्। सोमवार व्रतं पुण्यं सर्वकामप्रदायकम्॥
【कथा सारांश】
एक नगर में एक धनी साहूकार रहता था। उसके घर में धन-धान्य की कोई कमी न थी, किंतु कोई संतान न होने के कारण वह अत्यंत दुःखी रहता था। वह प्रतिदिन शिव मंदिर जाकर दीपक जलाता और भगवान शिव तथा माता पार्वती की भक्तिपूर्वक पूजा-अर्चना करता था।
माता पार्वती ने साहूकार की सच्ची भक्ति देखकर भगवान शिव से उसे पुत्र-रत्न देने की विनती की। शिवजी की कृपा से उसे अल्पायु पुत्र प्राप्त हुआ। काशी जाकर विद्याध्ययन करते हुए भगवान शिव के सोमवार व्रत के पुण्य-प्रताप से उस बालक की अकाल मृत्यु टल गई और वह दीर्घायु होकर वधु सहित सकुशल घर लौटा।
【फलश्रुति】
जो मनुष्य सोमवार का नियमित व्रत रखकर यह पावन कथा सुनता अथवा पढ़ता है, भगवान भोलेनाथ उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण कर अंत में शिवलोक प्रदान करते हैं।
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