Sundarkand · हनुमान-विभीषण

सुन्दरकाण्ड: विभीषण मिलन एवं हरि चर्चा

सुन्दरकाण्ड: विभीषण मिलन एवं हरि चर्चा

परिचय

सुन्दरकाण्ड: विभीषण मिलन एवं हरि चर्चा — सनातन सेवा डिजिटल भक्ति संग्रह। रामचरितमानस सुन्दरकाण्ड का प्रसंग।

ॐ

सुन्दरकाण्ड: विभीषण मिलन एवं हरि चर्चा

Sundarkand · हनुमान-विभीषण

【चौपाई】

सुनहु बिभीषन प्रभु कै रीती। करहिं सदा सेवक पर प्रीती॥

जानतहूँ अस स्वामि बिसारी। फिरहिं ते काहे न होहिं दुखारी॥

तब हनुमंत कहा सुनु भ्राता। देखी चहउँ जानकी माता॥

【दोहा】

तब हनुमंत कही सब राम कथा निज नाम। सुनत जुगल तन पुलक मन मगन सुमिरि गुन ग्राम॥6॥

【चौपाई】

पुनि सब कथा बिभीषन कही। जेहि बिधि जनकसुता तहँ रही॥

जुगुति बिभीषन सकल सुनाई। चलेउ पवनसुत बिदा कराई॥

कह रावनु सुनु सुमुखि सयानी। मंदोदरी आदि सब रानी॥

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