Ekadashi · भगवान विष्णु

पुत्रदा एकादशी माहात्म्य (पवित्र संतान प्रदायिनी)

पुत्रदा एकादशी माहात्म्य (पवित्र संतान प्रदायिनी)

परिचय

पुत्रदा एकादशी माहात्म्य (पवित्र संतान प्रदायिनी) — सनातन सेवा डिजिटल भक्ति संग्रह। भगवान विष्णु से संबंधित पवित्र कथा और माहात्म्य।

ॐ

पुत्रदा एकादशी माहात्म्य (पवित्र संतान प्रदायिनी)

Ekadashi · भगवान विष्णु

【संकल्प ध्यान】

पुत्रदा व्रतमाहात्म्यं सर्वसन्तानदायकम्। नारायणप्रसादेन सर्वकामांश्च लभ्यते॥

【कथा सारांश】

श्रावण शुक्ल पक्ष (तथा पौष शुक्ल पक्ष) की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहा जाता है। भद्रावती नगरी में सुकेतुमान नामक प्रतापी राजा राज्य करता था, जिसकी रानी का नाम शैव्या था। राजा के पास सब कुछ था, किंतु कोई संतान न होने के कारण वे दोनों अत्यंत दुःखी रहते थे और पितरों के पिंड-तर्पण की चिंता में व्याकुल रहते थे।

दुःखी राजा वन में भ्रमण करते हुए एक सरोवर के निकट ऋषियों के आश्रम पहुँचे, जहाँ विश्वेदेव ध्यान में मग्न थे। मुनियों ने राजा को श्रावण शुक्ल एकादशी (पुत्रदा) का नियमपूर्वक व्रत रखने को कहा। राजा और रानी ने निष्ठापूर्वक उपवास किया, जिसके पुण्य-प्रताप से उन्हें तेजस्वी और धर्मात्मा पुत्र की प्राप्ति हुई।

【फलश्रुति】

जो मनुष्य पुत्रदा एकादशी का व्रत रखते हैं, उन्हें सुयोग्य संतान का सुख मिलता है और मृत्यु के उपरांत स्वर्गलोक की प्राप्ति होती है।

धुन के साथ सुनें

Sanatan Seva ऐप में पुत्रदा एकादशी माहात्म्य (पवित्र संतान प्रदायिनी) की ऑडियो, सुनें और अपने परिवार के साथ गाएँ।

पुत्रदा एकादशी माहात्म्य (पवित्र संतान प्रदायिनी) की धुन Sanatan Seva ऐप में सुनें

संबंधित सामग्री

सभी भजनों और आरतियों पर वापस जाएँ