- Home
- Bhajan & Aarti
- कामदा एकादशी माहात्म्य (सर्व कामना सिद्धि)
Ekadashi · भगवान विष्णु
कामदा एकादशी माहात्म्य (सर्व कामना सिद्धि)

परिचय
कामदा एकादशी माहात्म्य (सर्व कामना सिद्धि) — सनातन सेवा डिजिटल भक्ति संग्रह। भगवान विष्णु से संबंधित पवित्र कथा और माहात्म्य।
कामदा एकादशी माहात्म्य (सर्व कामना सिद्धि)
Ekadashi · भगवान विष्णु
【संकल्प ध्यान】
कामदा सर्वकामानां प्रदात्री पापनाशिनी। वासुदेवं समभ्यर्च्य सर्वपापैः प्रमुच्यते॥
【कथा सारांश】
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी कहा जाता है। भोगीपुर नगर में पुण्डरीक नामक राजा राज्य करता था, जहाँ ललित और ललिता नामक गंधर्व दंपति रहते थे। एक दिन राजा की राजसभा में गाते समय ललित का ध्यान अपनी पत्नी ललिता पर चला गया, जिससे उसका गायन-स्वर बिगड़ गया।
क्रोधित होकर राजा पुण्डरीक ने ललित को भयानक राक्षस बनने का शाप दे दिया। पति के उद्धार के लिए ललिता विंध्याचल पर्वत पर श्रृंगी ऋषि के आश्रम पहुँची। मुनि के उपदेशानुसार उसने चैत्र शुक्ल एकादशी (कामदा) का व्रत कर उसका फल अपने पति को दिया, जिससे ललित तत्काल शापमुक्त होकर पुनः दिव्य गंधर्व बन गया।
【फलश्रुति】
कामदा एकादशी का व्रत करने से शाप और अकाल व्याधियों का नाश होता है तथा मनुष्य की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होकर अंत में विष्णुलोक प्राप्त होता है।
Sanatan Seva ऐप में कामदा एकादशी माहात्म्य (सर्व कामना सिद्धि) की ऑडियो, सुनें और अपने परिवार के साथ गाएँ।
