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Ekadashi · श्री कृष्ण (गीता उपदेश)
मोक्षदा एकादशी माहात्म्य (गीता जयंती)

परिचय
मोक्षदा एकादशी माहात्म्य (गीता जयंती) — सनातन सेवा डिजिटल भक्ति संग्रह। श्री कृष्ण (गीता उपदेश) से संबंधित पवित्र कथा और माहात्म्य।
मोक्षदा एकादशी माहात्म्य (गीता जयंती)
Ekadashi · श्री कृष्ण (गीता उपदेश)
【संकल्प ध्यान】
गीता सुगीता कर्तव्या किमन्यैः शास्त्रविस्तरैः। या स्वयं पद्मनाभस्य मुखपद्माद्विनिःसृता॥
【कथा सारांश】
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी कहा जाता है। महाभारत के कुरुक्षेत्र युद्ध में इसी पावन तिथि पर भगवान श्री कृष्ण ने मोहग्रस्त अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का अमर उपदेश दिया था, इसलिए इस दिन गीता जयंती का महापर्व भी मनाया जाता है।
चंपावती नगरी के राजा वैखानस ने स्वप्न में अपने पिता को नरक की यातनाएं भोगते देखा। पर्वत मुनि के परामर्श पर राजा ने सपरिवार मार्गशीर्ष एकादशी का व्रत कर उसका संपूर्ण पुण्य अपने दिवंगत पिता को अर्पित कर दिया, जिसके प्रभाव से उनके पिता तत्काल नरक से मुक्त होकर स्वर्ग सिधारे।
【फलश्रुति】
मोक्षदा एकादशी का व्रत करने और श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करने से जन्म-मरण का चक्र समाप्त होता है और मोक्ष पद की प्राप्ति होती है।
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