- Home
- Bhajan & Aarti
- पद्मिनी एकादशी माहात्म्य (अधिकमास शुक्ल एकादशी)
Ekadashi · भगवान विष्णु
पद्मिनी एकादशी माहात्म्य (अधिकमास शुक्ल एकादशी)

परिचय
पद्मिनी एकादशी माहात्म्य (अधिकमास शुक्ल एकादशी) — सनातन सेवा डिजिटल भक्ति संग्रह। भगवान विष्णु से संबंधित पवित्र कथा और माहात्म्य।
पद्मिनी एकादशी माहात्म्य (अधिकमास शुक्ल एकादशी)
Ekadashi · भगवान विष्णु
【संकल्प ध्यान】
पद्मिनी मलमासस्था सर्वसिद्धिप्रदायिनी। पुरुषोत्तमं समाराध्य सर्वपापैः प्रमुच्यते॥
【कथा सारांश】
अधिक मास (मलमास) के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मिनी या कमला एकादशी कहते हैं। त्रेतायुग में कीर्तिवीर्य नामक पराक्रमी राजा की कई रानियां थीं, किंतु कोई पुत्र नहीं था। राजा अपनी पटरानी पद्मिनी के साथ गंधमादन पर्वत पर कठिन तप करने चले गए। कई हजार वर्षों तक तप करने पर भी जब मनोरथ सिद्ध न हुआ, तब रानी ने देवी अनुसूया से मार्गदर्शन मांगा।
माता अनुसूया ने उन्हें अधिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का विधिपूर्वक निर्जल व्रत करने का विधान बताया। रानी पद्मिनी और राजा ने इस व्रत का पूर्ण निष्ठा से पालन किया। भगवान पुरुषोत्तम ने प्रकट होकर उन्हें वरदान दिया, जिससे उनके कुल में सहस्त्रार्जुन (कार्तवीर्यार्जुन) जैसा अजेय और प्रतापी पुत्र उत्पन्न हुआ।
【फलश्रुति】
पद्मिनी एकादशी का व्रत रखने से तीनों लोकों के समस्त तीर्थों के दर्शन और सभी यज्ञों के अनुष्ठान के समान दुर्लभ पुण्य फल प्राप्त होता है।
Sanatan Seva ऐप में पद्मिनी एकादशी माहात्म्य (अधिकमास शुक्ल एकादशी) की ऑडियो, सुनें और अपने परिवार के साथ गाएँ।
