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Aarti · भगवान शिव
कर्पूर गौरं (दैनिक कर्पूर आरती मंत्र)

परिचय
कर्पूर गौरं (दैनिक कर्पूर आरती मंत्र) — सनातन सेवा डिजिटल भक्ति संग्रह। भगवान शिव की पारंपरिक उपासना।
कर्पूर गौरं (दैनिक कर्पूर आरती मंत्र)
Aarti · भगवान शिव
कर्पूरआरती – Karpur Gauram Aarti
कर्पूरगौरं करुणावतारं | संसारसारं भुजगेन्द्र हारं | सदा बसन्तं हृदयारबिन्दे भबं भवानीसहितं नमामि॥
मन्दारमालं कुलितलिकाय| कपालमाला क्षितशेखर्य | दिव्यंबरय च दिगम्बराय | नमः शिवायै च नमः शिवाय |
घालीन लोटांगण, वंदीन चरण। डोळ्यांनी पाहीन रुप तुझें। प्रेमें आलिंगन, आनंदे पूजिन। भावें ओवाळीन म्हणे नामा
त्वमेव माता च पिता त्वमेव। त्वमेव बंधुक्ष्च सखा त्वमेव। त्वमेव विध्या द्रविणं त्वमेव। त्वमेव सर्वं मम देवदेव
कायेन वाचा मनसेंद्रीयेव्रा, बुद्धयात्मना वा प्रकृतिस्वभावात। करोमि यध्य्त सकलं परस्मे, नारायणायेति समर्पयामि
अच्युतं केशवं रामनारायणं कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम। श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं, जानकीनायकं रामचंद्र भजे
हरे राम हर राम, राम राम हरे हरे। हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे
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