Aarti · भगवान जगन्नाथ

श्री जगन्नाथ जी की आरती (जय जगन्नाथ हरे)

श्री जगन्नाथ जी की आरती (जय जगन्नाथ हरे)

परिचय

श्री जगन्नाथ जी की आरती (जय जगन्नाथ हरे) — सनातन सेवा डिजिटल भक्ति संग्रह। भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक उपासना।

ॐ

श्री जगन्नाथ जी की आरती (जय जगन्नाथ हरे)

Aarti · भगवान जगन्नाथ

【पल्लवी】

जय जगन्नाथ हरे, प्रभु जय जगन्नाथ हरे। नीलाचल वासी प्रभु, जन मन ताप हरे॥ जय जगन्नाथ हरे॥

बलभद्र सुभद्रा संग, रत्न सिंहासन राजे। कमलनयन छवि सुन्दर, दिव्य रूप साजे॥ जय जगन्नाथ हरे॥

पतितपावन नाम तिहारो, दारु ब्रह्म कहलावे। महाप्रसाद जो कोई पावै, सो तरि भव जावे॥ जय जगन्नाथ हरे॥

आरती करत आरती जन, मन वांछित फल पावै। दीनबंधु दयालु प्रभु, निज शरणहि लावै॥ जय जगन्नाथ हरे॥

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