Aarti · भगवान श्री कृष्ण

आरती कुंजबिहारी की (श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की)

आरती कुंजबिहारी की (श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की)

परिचय

आरती कुंजबिहारी की (श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की) — सनातन सेवा डिजिटल भक्ति संग्रह। भगवान श्री कृष्ण की पारंपरिक उपासना।

ॐ

आरती कुंजबिहारी की (श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की)

Aarti · भगवान श्री कृष्ण

【पल्लवी】

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की। गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला॥

श्रवण में कुण्डल झलकाता, भाल में तिलक सोहे लाला। दुसह मन चित्त चुरावे, मधुर मृदु हास हंसावे॥ आरती कुंजबिहारी की॥

कनक मय मुकुट बिराजे, शीश पर मोर पंख साजे। गोपियन संग रास रचावे, मुरली की तान सुनावे॥ आरती कुंजबिहारी की॥

चरण पर शीश झुकाऊं, चरण रज शीश लगाऊं। दास की अरज सुनि लीजै, नयन में दर्शन दीजै॥ आरती कुंजबिहारी की॥

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